Friday, 1 May 2020

छात्रवासी मिलन समारोह "25 दिसंबर 2011"

       छात्रवासी मिलन समारोह "25 दिसंबर 2011"
बहुत दिनों से ही हमारे हॉस्टल के सामने छात्रवासी मिलन समारोह की तैयारी जोर-तोर से चल रही थी| और वह दिन आ गया था, मै भी अपने गाने की तैयारी में लगा था|  
   इसके बाद जब 25 दिसंबर को यह कार्यक्रम हुआ, तो उसमें हमारे हॉस्टल के भूतपूर्व सीनियर आए और हमें सब हॉस्टल वासी से मिले तथा यह नजारा बहुत ही सुदंर था, जिसे देखकर ऐसा लग रहा था, मानो की बहुत दिनो बाद हम मिल रहें हो| आप लोग हॉस्टल देखने भी आए हमें बहुत ही अच्छा लगा | हमे भी अच्छा लगा जो नये लोगो से पहचान बना जो हमारे छात्रवासी सर से मिलकर बहुत ही खुशी की बात थी| 
                        आज मै बहुत ही खुश था ,क्योकि मुझे गाना जो गाना था, इस प्रकार मैने पहली बार स्टेज मे गाना गाया यह मेरे लिए सबसे अच्छी खुशी की बात थी, कि में पहली बार स्टेज में गाना गा रहा हूँ , इसके बाद नास्ता ,नास्ता होने के बाद हमारे सीनियरो ने हमें जीवन संघर्ष से लड़ने के कुछ उध्देश्य बताए जो हमारे लिए अविष्मरणीय रहें , हम उनके सिध्दांतो को कभी भूल नही पाइंगें |
मैने जो गाना गाया था वो गाने के बोल थे 

" दरदे दिल दरदे जिगर 
  दिल मै जगाया अपने 
                                दरदे दिल दरदे जिगर 
                               दिल मै जगाया अपने 
पहले तो मै सायर था 
आशिक बनाया आपने 
                                दरदे दिल दरदे जिगर 
                                दिल मै जगाया अपने

 दिल मै जगाया अपने आपकी 
मदहोस नजरे कर रही है सायरी .................


आप लोगो के वार्तालाप के बाद कुछ मस्ती की गई अर्थात गेम खेला गया, जो हाउस गेम के नाम से जाना जाता है| इस गेम को खेला गया इसके बाद अब हम खाना खाने गए तथा वहॉ पर विभिन्न प्रकार की भोजन को ग्रहण किया | तथा फिर क्रिकेट मैच का भी आनंद उठाया तथा फिर आकर मिलन समारोह में एक सिंगर के दवारा गाये गीत पर बहुत डांस किए यह भी हमारे लिए बहुत ही अच्छा दिन रहा, मुझे उसमें एक गेम में बहुत हंसी आई  जिसमें हमारे सीनियर ने कहा कि जिसके मौजे फटे हो वो सबसे से पहले आए तो हमारे हॉस्टल बैच के भाई गया तो हम बहुत हंसे क्योकि , सर उन्हें कहा कि क्यो भाई मोजे भी नही खरीद सकते जो हमारे हॉस्टल भाईयो की ऐसी हालत हो गया है, कहा तब तो हम लोग हम सब हमारे बैच मैट साथ-साथ बहुत हंसा और गेम होते रहे , िजनमे एक गेम  जिसमे कहा गया कि अपनी गर्लफ्रेड की फोटो जो अपनी पर्स मे रखा हो उसके लिए यह प्रतियोगिता थी | इसके बाद हम लोगो ने जगह- जगह फोटो खिचवाया और वह एलबम भी देखा जो हमने 25 दिसंबर 2010 को भेड़ाघाट के मिलन समारोह में खिचवाया था| हम सभी की फोटो वहॉ पर भी सुदंर थी | इस प्रकार हमने स्टालो की ओर बढ़ा और चाय काफी के साथ ही हमने चाइनीज का भी मजा लिया चाट- फुलकी की तो बात ही छोड़ दो इस प्रकार हमने अपने दिन को बहुत ही खूब आनंद के साथ इंजोए किया, यह दिन भी हमारे लिए यादगार पल था जो हमारे हॉस्टल के सामने यह कार्यक्रम हुआ था | इसमे हमारे कॉलेज के हॉस्टल के भूतपूर्व सीनियर सर ने भी भाग लिया था| तथा हमारे कुछ शिक्षक भी सामिल हुए , 
जया बाजपेयी मम 
गौर मम 
ज्योति श्रीवास्मतव मम तो हमारे हॉस्टल के सामने रहती है, 
इस कार्यक्रम को मै कभी भूल नही पाऊंगा , तथा कार्यक्रम समाप्त होने के बाद हम हॉस्टल आ गये और परीक्षा की तायारी करने लगें|

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